हम आज बात करते हैं हमारी सरजमीं पोकरण विधानसभा की जो हमेशा से अमन , शांति और भाईचारे के लिए जानी जाती है।
2008 में जैसलमेर विधानसभा से विभाजित हुई पोकरण विधानसभा जनता के लिए खुशखबरी और उन्नति की एक किरण थी।
पहली बार पोकरण विधानसभा से कांग्रेस नेता शालेह मोहम्मद को विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पोकरण विधानसभा में जनता से घुलमिलने में शालेह मोहम्मद को ज्यादा वक्त नहीं लगा और छतीस कौम के साथ मिलकर काम करना शुरू किया।
उनके विधायक बनते ही पोकरण क्षेत्र भी विकास की दिशा में आगे बढ़ने लगा और आर्थिक विकास में भी अच्छी तेजी आई।
पोकरण विधानसभा में पानी की दिक्कत देखते हुए शालेह मोहम्मद ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से 350 करोड़ की योजना पारित करवाकर सैकड़ों किलोमीटर बड़ी बड़ी पाईप लाईने लगवाकर पोकरण की जनता तक हिमालय का मीठा पानी पंहुचाया लेकिन उनके कार्यकाल के बाद बाकि का काम उसी जगह पर स्थिर पड़ा है। और हमें तो लगता है कि आगे का काम भी फिर से शालेह मोहम्मद ही विधायक बनकर पूरा करेंगे।
पोकरण विधानसभा में शायद ही ऐसी कोई पंचायत बची हो जहां शालेह मोहम्मद ने स्कूलों को अपग्रेड नहीं किया हो। पहले 10th और 12th के बच्चों को दूर दराज के गांवों में जाना पड़ता था लेकिन अब स्कूलों को अपग्रेड करने से उनको अपने नजदीक ही शिक्षा उपलब्ध हो गई।
पोकरण के सरकारी अस्पताल की हालत पहले बद से बदतर थी।भाजपा विधायकों द्वारा डाक्टरों से हफ्ता वसूली की जाती थी कोई भी डॉक्टर यहां नहीं रहना चाहता था लेकिन शालेह मोहम्मद के विधायक बनने के बाद हालात में सुधार हुआ कई डॉक्टर लगवाएं गए और सौंदर्यकरण के लिए लाखों का खर्च किया और 25 बेड भी लगवाएं , बड़े बड़े भवन बनाएं गए जिससे आम जनता को कोई परेशानी ना उठानी पड़े।
शालेह मोहम्मद ने अपनी सूझबूझ और आलाकमान के तालमेल से हर विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियां करवाई। जिससे स्कूल , ग्रामीण अस्पताल , आँगनवाड़ी , जलदाय विभाग , बिजली विभाग के साथ साथ कई तरह के विभागों में सुचारू रूप से व्यवस्था शुरू की गई।
शालेह मोहम्मद के कार्यकाल में सरकारी अधिकारी और प्रशासन भी समय पर और ईमानदारी से काम करता था।
आज के हालात किसी से छुए हुए नहीं है। सभी विभागों में हाहाकार मचा हुआ है। स्कूलों में अध्यापक नहीं है। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। आंगनवाड़ीयां बन्द पड़ी है। पानी तो राम भरोसे तालाबों पर लोग आश्रित हैं। बिजली तो मेहमानों की तरह कभी कभार आ ही जाती है। प्रशासन पर दबाव बनाकर झूठे मुकदमे चलाएं जा रहे हैं। लोगों को एक छोटे से काम के लिए कई हफ्तों तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। और भाजपा विधायक के तो जनता को दर्शन भी दुर्लभ हो गए हैं। पोकरण विधानसभा में आर्थिक मंदी से निपटने के लिए कोई उपाय नहीं हैं। लोग बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। मंहगाई से आम जनता त्रस्त है। कोई सुध लेने वाला नहीं है। अगर कोई व्यक्ति भुल से भाजपा विधायक को समस्याओं से अवगत भी कराएं तो उनका अपमान करके चुप करवा दिया जाता है।
अब विधानसभा का पांचवां सत्र भी खत्म हो गया लेकिन भाजपा विधायक शैतान सिंह जी ने पोकरण विधानसभा का एक भी मुद्दा नहीं उठाया। खैर जनता भी सब देख रही हैं और भाजपा को पंचायतीराज और निकाय चुनाव में नतीजा भी दिया है। अगर भाजपा विधायक ने यही रवैया अपनाया रखा तो जनता माफ नहीं करेगी।
और पोकरण विधानसभा में भाजपा एक इतिहास बनकर रह जाएगी।
M. Ali Mehar